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इमलीखेड़ा में अधिकारियों की कार्यशैली और ओवर लोड डंपरों को लेकर नगर अध्यक्ष का हल्लाबोल::

देर रात से धरने पर बैठे नगर अध्यक्ष और सैकड़ों ग्रामीण, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, नगर अध्यक्ष का आर-पार का ऐलान.....(देखिए वीडियो)

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क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) दीपावली पर कुम्हारों के दीये बनाने के लिए खेत से मिट्टी लाना भी अब मुसीबत बन गया है। मिट्टी लेकर जा रहे दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज किए जाने से इमलीखेड़ा में आक्रोश भड़क उठा। कार्रवाई से नाराज नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज सैनी, प्रधान कंवरपाल सैनी समेत सैकड़ों ग्रामीण देर रात से धरने पर बैठ गए। गुस्साए ग्रामीणों ने क्षेत्र में दौड़ रहे खनन सामग्री से लदे ओवरलोड डंपरों को बीच रास्ते में रोककर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दोहरे रवैये का आरोप लगाया। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज सैनी ने कहा कि दीपावली के मौके पर कुम्हारों के दीये बनाने के लिए खेत से मिट्टी लेकर जा रहे ग्रामीणों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को नायब तहसीलदार और कानूनगो ने सीज कर दिया। वहीं, क्षेत्र की आंतरिक सड़कों से बेखौफ गुजर रहे ओवरलोड डंपरों पर अधिकारियों की नजर नहीं पड़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवरलोड डंपरों के कारण क्षेत्र में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं और कई युवकों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि ग्रामीणों की मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो अधिकारियों के पुतले भी फूंके जाएंगे। वहीं, प्रधान कंवरपाल सैनी ने अधिकारियों पर गरीब ग्रामीणों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों और गरीब लोगों पर कार्रवाई करने में प्रशासन तेजी दिखाता है। लेकिन बड़े खनन कारोबारियों के ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध ली जाती है। ग्रामीणों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। फिलहाल देर रात से शुरू हुआ धरना जारी रहने से क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का सवाल है कि अगर दीए बनाने के लिए मिट्टी ले जाना नियमों के खिलाफ है तो ओवरलोड डंपरों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों के सवालों का जवाब देता है या फिर आंदोलन और उग्र रूप लेता है। इस दौरान विनोद सैनी, राजकुमार सैनी, अजय सैनी, बबलू प्रजापति, मांगेराम प्रजापति, ओमपाल प्रजापति, सोमपाल, आलोक प्रजापति, गोरखनाथ सैनी, अनुज कुमार, शुभम सैनी समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

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