
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत)नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में करीब डेढ़ माह से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा पांच हजार रुपये का इनामी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे आरोपी को कलियर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सहारे आरोपी तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। लेकिन खुलासे की कड़ी हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी के हाथ लगी।
खाकी का ऐसा जवान, जिसकी मेहनत बनती है हर कामयाबी की पहचान…….
वर्दी तो कई पहनते हैं, लेकिन अपनी जिम्मेदारी को जुनून बनाने वाले जवान अलग पहचान छोड़ते हैं। हरिद्वार जिले की कलियर कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी भी ऐसे ही कर्मठ पुलिसकर्मियों में शामिल हैं
जिनकी मेहनत पुलिस टीम के लिए अहम साबित होती है। किशोरी की तलाश से लेकर इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी, हत्या, लूट, बच्चा चोरी और गुम मोबाइल फोन बरामद करने तक, उनकी सक्रियता और तकनीकी समझ काम आती है। सुरागों की कड़ियां जोड़ना हो या किसी मामले में अहम जानकारी जुटानी हो,
सोनू चौधरी अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहते हैं। कई किलोमीटर का सफर तय करने के बाद भी हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी नई चुनौती के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। अभी हाल में उन्होंने दो साल से फरार चल रहे छह लाख रुपए की धोखाधड़ी के पांच हजार रुपए के इनामी आरोपी को वाराणसी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा था।
हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी की सक्रियता के चलते दर्जनों अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा हैं। वही उनके कार्यों को देखते एसएसपी हरिद्वार द्वारा हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी को मैंन ऑफ दा मंथ से भी नवाजा गया हैं।



