
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) शहर में गैंगवार की एक बड़ी वारदात होने से पहले हरिद्वार पुलिस ने समय रहते ऐसा शख्स दबोच लिया, जिसके इरादे बेहद खतरनाक बताए जा रहे हैं। दुधियाबंद क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध व्यक्ति पर पड़ी।
पुलिस को देखते ही उसकी घबराहट ने शक को और गहरा कर दिया। तलाशी ली गई तो पीठू बैग के भीतर से दो पिस्टल, दो मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने पुलिस को भी चौंका दिया।
पकड़े गए आरोपी मनोज कुमार (45), निवासी बुढ़ीना कला, मुजफ्फरनगर के मुताबिक वर्ष 2010 में उसके भाई की हत्या कर दी गई थी। भाई की मौत का बदला लेने की आग उसके भीतर वर्षों से सुलग रही थी।
एसपी सिटी अभय सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी को जानकारी मिली थी कि उसके भाई की हत्या के आरोपी जेल से जमानत पर बाहर आ चुके हैं और हरिद्वार आने वाले हैं। इसके बाद उसने कथित तौर पर बदला लेने के लिए हथियारों का इंतजाम कर लिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी अप्रैल 2026 से हरिद्वार में एक आश्रम को लीज पर लेकर होटल के रूप में कारोबार कर रहा था। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इस कारोबार की आड़ में वह अपने पुराने दुश्मनों पर नजर तो नहीं रख रहा था।
चित्रकूट घाट के पास पुलिस की सतर्कता ने फिलहाल एक संभावित खूनी टकराव को टाल दिया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कुन्दन सिंह राणा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक गोपाल दत्त भट्ट, उपनिरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार, हेड कांस्टेबल प्रदीप पंवार और हेड कांस्टेबल गुलशन नेगी शामिल रहे।



