
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) हरिद्वार जिले की एक चौकी के प्रभारी पर ग्राम प्रधानपति को जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करने, थप्पड़ मारने और एनकाउंटर की धमकी देने के आरोपों के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लिया है।
आयोग ने हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से पूरे मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
ग्राम महाराजपुर कलां निवासी सुखबीर सिंह ग्राम प्रधानपति हैं और निरंजनपुर में पेट्रोल पंप संचालित करते हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भेजी शिकायत में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, एक जुलाई को मुनेश कुमार ने उनके पुत्र अक्षय कुमार से छह लाख रुपये दो दिन के लिए उधार लिए थे।
आरोप है कि बाद में मुनेश कुमार ने केवल 90 हजार रुपये लौटाए, जबकि 5.10 लाख रुपये वापस नहीं किए। रुपये वापस नहीं मिलने पर सुखबीर सिंह ने सात जुलाई को पुलिस को लिखित शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया। इसी दौरान जातिसूचक टिप्पणी करने, अपमानित करने और थप्पड़ मारने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि चौकी प्रभारी ने शिकायत वापस नहीं लेने पर गंभीर परिणाम भुगतने और कथित तौर पर एनकाउंटर की धमकी दी। सुखबीर सिंह ने पुलिस पर आरोपित पक्ष को संरक्षण देने तथा पुलिस पद और प्रभाव का दुरुपयोग करने के आरोप भी लगाए हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लिया है। आयोग की ओर से हरिद्वार एसएसपी से 15 दिनों के भीतर मामले में की गई कार्रवाई और जांच से संबंधित जवाब मांगा गया है।



