क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) पिरान कलियर थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव में लंबे समय से राजनीतिक वर्चस्व को लेकर चल रही जंग में हथियाबंद महिलाओं और मासूम बच्चों की एंट्री का चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है.

जिसने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। वायरल हो रहे इस वीडियो में महिलाओं और मासूम बच्चों के हाथों में धारदार हथियार नजर आ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहा है।
गौरतलब है कि लंबे समय से महमूदपुर गांव में राजनीतिक वर्चस्व और डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। लेकिन अब इस विवाद में महिलाओं और बच्चों की एंट्री ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है।
जिन महिलाओं के कंधों पर घर की रसोई और परिवार को जोड़कर रखने की जिम्मेदारी होती है, वही अब हथियार उठाए दिखाई दे रही हैं। वहीं मासूम बच्चे, जिनके हाथों में किताबें होनी चाहिए, वे भी इस हिंसक माहौल का हिस्सा बनते दिख रहे हैं।

लगातार सामने आ रहे ऐसे वीडियो प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वही सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके इशारे पर गांव का माहौल इस कदर जहरीला बनाया जा रहा है?
आखिर कौन महिलाओं और युवाओं में फैला रहा नफरत का जहर…….
महमूदपुर गांव से महज चंद कदम की दूरी पर स्थित दरगाह साबिर पाक से देश-विदेश में अमन चैन खुशहाली और शांति का पैगाम दिया जाता है। उसी के आसपास अब नफरत की चिंगारी भड़कती नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में एक खास तबका लगातार युवाओं और महिलाओं को भड़काने का काम कर रहा है। उन्हें आपसी रंजिश, बदले की भावना और टकराव की राह पर धकेला जा रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि जो महिलाएं पहले घर-परिवार तक सीमित थीं, वे अब विवादों में खुलकर उतर रही हैं।

वहीं युवा भी उकसावे में आकर माहौल को और बिगाड़ रहे हैं। सबसे गंभीर पहलू यह है कि यह नफरत धीरे-धीरे पूरे गांव के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ रही है। छोटी-छोटी बातों को मुद्दा बनाकर उसे बड़ा विवाद बनाया जा रहा है, जिससे गांव बार-बार अशांति की ओर बढ़ रहा है।
आखिर कौन हैं वो लोग, जो महमूदपुर में नफरत की खेती कर रहे हैं?
क्या इसके पीछे सिर्फ स्थानीय वर्चस्व की लड़ाई है, या फिर कोई संगठित प्रयास गांव का माहौल बिगाड़ने में लगा है?

प्रशासन और पुलिस के लिए यह वक्त बेहद अहम है। अगर समय रहते ऐसे तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।

सवाल यह भी है कि अगर नफरत का यह जहर यूं ही फैलता रहा, तो अमन का पैगाम देने वाली इस धरती पर हिंसा की काली छाया और गहरी हो सकती है। बरहाल फिलहाल पुलिस ने कई हुड़दंगियों को हिरासत में लेकर कोर्ट के समक्ष पेश किया लेकिन कलियर पुलिस इस मामले में ठोस कदम उठाने पड़ेंगे, जिससे महमूदपुर गांव की आबो-हवा खराब ना हो। और गांव में गुंडागर्दी खत्म होकर शांति व्यवस्था कायम रहे।



