क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) नशे के काले कारोबार में पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए शातिराना तरीके अपनाने वाला 25 हजार का इनामी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ ही गया। गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अमजद सिद्दीकी को कलियर पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी से गिरफ्तार कर लिया।
करीब एक साल से फरारी काट रहे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह हर बार ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। आखिरकार पुलिस की रणनीति काम आई और इनामी आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गया।
21 किलो गांजे ने खोली थी तस्करी की परतें……
मामले की शुरुआत 15 जुलाई 2025 को हुई थी। एएनटीएफ टीम ने बेड़पुर स्थित शाहजी पीर तिराहे के पास कार्रवाई करते हुए साबिर हुसैन को 21 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ दबोचा था। पूछताछ में साबिर ने खुलासा किया कि गांजे की खेप गाजियाबाद निवासी अमजद सिद्दीकी से लेकर आया था। इस खेप को कलियर में एक महिला तक पहुंचाया जाना था। इसके बाद थाना कलियर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
एक साल की फरारी, 25 हजार का इनाम भी नहीं आया काम…..
मामले में महिला और साबिर के खिलाफ पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया, लेकिन तीसरा आरोपी अमजद पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। पुलिस ने गाजियाबाद में उसके संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी, मगर आरोपी हाथ नहीं आया। लगातार फरारी के चलते उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। इसके बावजूद वह गिरफ्तारी से बचता रहा।
लोनी में छिपा था, पुलिस ने बिछाया जाल….
ऑपरेशन प्रहार और नशा मुक्त देवभूमि अभियान के तहत कलियर पुलिस ने आरोपी की तलाश में पूरी ताकत झोंक दी। मैनुअल पुलिसिंग के जरिए सुराग जुटाते हुए पुलिस टीम ने 7 नवंबर 2026 को गाजियाबाद के लोनी स्थित थाना अंकुर विहार क्षेत्र की वेद बिहार कॉलोनी में दबिश दी और अमजद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने….
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ गाजियाबाद और दिल्ली में एनडीपीएस एक्ट, लूट और आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। अब पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क और नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका….
प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अमित नौटियाल, हेड कांस्टेबल सोनू कुमार, इसरार अली, माजिद खान और सीआईयू रुड़की के कांस्टेबल महिपाल सिंह ने गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई।


