
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) “बाहर से मेडिकल स्टोर और अंदर नशे का कारोबार” पिरान कलियर में नशे की दवाओं के अवैध धंधे का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एसटीएफ, कलियर पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने मोनी मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर दो नशे के धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है।
दुकान से 1150 ट्रामाडोल कैप्सूल और 10 कोडीन कफ सिरप बरामद हुए हैं। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि सावरी नावेद टी स्टाल के सामने संचालित मोनी मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ ने ड्रग विभाग और कलियर पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाई। टीम ने मंगलवार को मेडिकल स्टोर पर अचानक छापा मारा तो वहां मौजूद कुर्बान अली निवासी महमूदपुर और आदिल निवासी मुकरपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
टीम ने जैसे ही दुकान की तलाशी ली गई तो काउंटर के ऊपरी रैक से 10 कोडीन कफ सिरप मिले। इसके अलावा चार पैकेटों में 860 कैप्सूल और अलग से 290 कैप्सूल बरामद हुए। कुल 1150 कैप्सूल मिलने से टीम भी हैरान रह गई।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि ये ट्रामाडोल कैप्सूल हैं। पकड़े जाने से बचने के लिए मूल पैकिंग और लेबल हटाकर कैप्सूल खुले में बेचे जाते थे। दोनों के पास दवाओं की खरीद-बिक्री का कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला। मौके पर किसी चिकित्सक का प्रिस्क्रिप्शन भी नहीं था। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी नशे के आदी लोगों को ये दवाएं बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों के सामूहिक रूप से नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल होने की बात सामने आई है। मामले में कोतवाली कलियर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपितों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
कार्रवाई में ये रहे शामिल……
एसटीएफ निरीक्षक भवानी शंकर पंत, उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी, हेड कांस्टेबल देशराज, कांस्टेबल रवि पंत, कलियर थाने के एएसआई रामअवतार, हेड कांस्टेबल इसरार व माजिद तथा ड्रग निरीक्षक विनोद जगुड़ी और हरीश सिंह ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया।



