
क्लिक उत्तराखंड:-(ब्यूरो) कृष्णकांत की याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल को अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने सचिव से चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की अदालत में हुई।
मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन से जुड़े एक अभ्यावेदन पर कार्रवाई न होने से संबंधित है। बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के संदर्भ में लंबित अभ्यावेदन पर कार्रवाई के लिए कृष्णकांत ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
19 मई 2026 को हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के संदर्भ में लंबित अभ्यावेदन पर तीन महीने के भीतर उचित आदेश पारित किया जाए। इसके बाद कृष्णकांत की ओर से दो जून को संबंधित अभ्यावेदन दिया गया, जो चार जून को सचिव कार्यालय में प्राप्त हुआ। निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी अभ्यावेदन पर कोई निर्णय नहीं होने पर कृष्णकांत ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की।
याचिका पर सुनवाई करते हुए 11 सितंबर को अदालत ने केंद्रीय सचिव नीरज मित्तल को नोटिस जारी किया। अदालत ने सचिव को निर्देश दिया है कि वह अपना जवाब दाखिल करें अथवा हाईकोर्ट के पूर्व आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें। मामले में अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित की गई है। अब सचिव की ओर से दाखिल जवाब के बाद अदालत आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।



