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हरिद्वार

कलियर में घटी घटना, दिल्ली में हुआ मुकदमा दर्ज, मामले की जांच में जुटी कलियर पुलिस, क्या हैं मामला?

जीरो एफआईआर को लेकर क्या कहता हैं कानून 

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क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपुत/एसके सिंह) पिरान कलियर दरगाह में दिल्ली से अपने परिवार के साथ जियारत करने के लिए जनवरी माह में कलियर पहुंची युवती से एक युवक ने छेड़छाड़,मारपीट और जबरन दुष्कर्म किया।

(फाइल फोटो)

दिल्ली की रहने वाली किशोरी की शिकायत पर हर्ष विहार थाने में जीरो एफआईआर में मुकदमा दर्ज कर जांच पिरान कलियर पुलिस को सौंपी है। कलियर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं।

(फाइल फोटो)

दिल्ली के थाना हर्ष विहार की रहने वाली किशोरी ने दिल्ली पुलिस को शिकायत कर बताया है कि वह बीते माह जनवरी में अपने परिवार के साथ दरगाह पर जियारत करने पिरान कलियर गई थी। उनके साथ दिल्ली से एक युवक भी गया था।

आरोप है कि साथ आये युवक ने उसके परिजनों को दरगाह के बाहर बिठाया और उसे दूसरी दरगाह में जियारत करने के बहाने सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ जबर्दस्ती मारपीट, छेड़छाड़ ओर दुष्कर्म किया। किशोरी ने घर लौटने पर अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी।

दिल्ली पुलिस ने किशोरी की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज कर पिरान कलियर पुलिस को जांच ट्रांसफर कर दी है। क्यूंकि घटनास्थल पिरान कलियर होने के बाद जांच को ट्रांसफर कर दिया गया है।

किशोरी ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। दिल्ली से केस दर्ज कर ट्रांसफर हुआ है। मामले की जांच की जा रही है…..थानाध्यक्ष कलियर दिलबर सिंह नेगी

जीरो एफआईआर को लेकर क्या कहता हैं कानून

जीरो एफआईआर सामान्य एफआईआर की तरह ही होती है। हालांकि, इसका एक सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें किसी भी तरह के अधिकार क्षेत्र की अड़चनें पैदा नहीं होती हैं। आमतौर पर जब किसी भी थाने में पुलिस एफआईआर तभी लिखती है, जब अपराध उसके थानाक्षेत्र के अंतर्गत हुआ हो। लेकिन जीरो एफआईआर में ऐसा नहीं होता है। इसमें पीड़ित व्यक्ति या उस व्यक्ति का कोई जानकार, रिश्तेदार या कोई चश्मदीद भी किसी भी थाने में एफआईआर दर्ज करवा सकता है। इसे ही जीरो एफआईआर कहा जाता है। जीरो एफआईआर के आधार पर पुलिस संबंधित क्षेत्र के थाने में केस ट्रांसफर होने पर अपनी कार्यवाही या जांच शुरू कर देती है।

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