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महर्षि कश्यप जयंती पर भव्य शोभायात्रा: दलित समाज सहित कई समुदायों ने जगह-जगह किया भव्य स्वागत…(देखिए वीडियो)

हजारों लोगों ने ग्रहण किया भंडारे का प्रसाद

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क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) महर्षि कश्यप के जन्मोत्सव के अवसर पर ग्राम जियापोता से पंजनहेड़ी,अजीतपुर तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस विशाल शोभायात्रा में हजारों की संख्या में कश्यप समाज के लोग शामिल हुए। पूरे मार्ग में समाज के लोगों के उत्साह, एकजुटता और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

शोभायात्रा का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री के सलाहकार नीरज कश्यप तथा हरियाणा के इंद्री के विधायक राम कुमार कश्यप ने हरी झंडी दिखाकर किया। शोभायात्रा जियापोता से शुरू होकर पहुंची, जहां इसका भव्य समापन हुआ।यात्रा के दौरान जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया।

खास बात यह रही कि दलित समाज सहित अन्य कई समाजों के लोगों ने भी शोभायात्रा का जोरदार स्वागत कर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। पूरे मार्ग पर पुष्पवर्षा, जलपान और स्वागत द्वारों के माध्यम से श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया।

अजीतपुर में आयोजित विशाल भंडारे में हजारों की संख्या में लोगों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर भारी भीड़ और अनुशासित व्यवस्था ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया। इस अवसर पर नीरज कश्यप ने कहा कि यह आयोजन कश्यप समाज की एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज हजारों की संख्या में कश्यप समाज के लोग सड़कों पर उतरकर सृष्टि रचयिता महर्षि कश्यप जी की जयंती मना रहे हैं, जो समाज की बढ़ती जागरूकता और संगठन शक्ति को दर्शाता है।

कार्यक्रम के दौरान कश्यप दल के बलराम कश्यप, अरुण कश्यप, लक्ष्मण कश्यप, विनोद कश्यप सहित अन्य पदाधिकारियों ने बाहर से आए अतिथियों और समाज के लोगों का स्वागत किया। इस दौरान प्रखर कश्यप, अनुज कश्यप, दीपक कश्यप, मनीष कश्यप, विपिन कश्यप, नरेंद्र कश्यप, मायाराम कश्यप, विजेंद्र कश्यप, प्रहलाद कश्यप, शिवम कश्यप,रोहित कश्यप, सुभाष कश्यप, ऋतिक कश्यप, मोहित कश्यप, लोकेश कश्यप, अनुकूल कश्यप, टीनू कश्यप, नरेश कश्यप, अभिषेक कश्यप, अंकुश कश्यप, बिशनपुर कुंडी के ग्राम प्रधान सन्नी कुमार, तथा चमन पाल सहित हजारों की संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

महर्षि कश्यप जन्मोत्सव पर निकली इस भव्य शोभायात्रा ने न केवल समाज की एकता और शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि विभिन्न समाजों की सहभागिता ने इसे सामाजिक समरसता और भाईचारे का उत्सव भी बना दिया।

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