क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) हरिद्वार जिले के बहादरपुर सैनी गांव के समीप उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उत्तम मिल जा रहे गन्ने से भरे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सड़क किनारे बने शहीद स्मारक द्वार को टक्कर मार दी।
हादसा इतना भीषण था कि वर्ष 2010 में बना शहीद स्मारक द्वार धराशायी हो गया। टक्कर के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली भी असंतुलित होकर सड़क पर आड़ी-तिरछी खड़ी हो गई, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई। स्मारक गिरने और सड़क बंद होने के कारण लोग घंटों तक फंसे रहे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और ट्रैक्टर-ट्रॉली को हटवाने की कार्रवाई शुरू की। जाम को देखते हुए पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकालना शुरू किया, जिससे धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
वही स्थानीय लोगों में शहीद स्मारक के गिरने को लेकर रोष भी देखा गया। शहीद स्मारक द्वार के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। शुगर मिल के ठेकेदार द्वारा द्वार पुनः निर्मित कराए जाने के आश्वासन मिलने पर ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने क्रेन द्वारा गेट के मलवा से दबा ट्रेक्टर से ऊपर से मलवा हटवाया।
शहीद विकास सैनी की याद में बनवाया गया था शहीद स्मारक द्वार…..

ग्रामीणों ने बताया कि शहीद विकास सैनी की पथरी पुल के पास स्मारक द्वार सन 2010 में सैनी महापंचायत संगठन उत्तराखण्ड द्वारा बनवा गया था। शहीद विकास सैनी का जन्म सन 25 जून 1985 में हुआ था। वह सीआरपीएफ में नौकरी करते थे। रामपुर मुरादाबाद में सन एक जनवरी 2008 में शहीद हुए थे।



