
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) उत्तराखंड में अब आम नागरिक भी ऑनलाइन एफआईआर देख और डाउनलोड कर सकेंगे। हालांकि संवेदनशील मामलों की एफआईआर को इससे बाहर रखा गया है। उत्तराखंड पुलिस ने हाईकोर्ट में दी अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
मामला नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट की पहल के बाद हाईकोर्ट पहुंचा। ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्णकांत के निर्देशन में पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मांग की गई थी कि आरोपी और अन्य संबंधित लोगों को भी एफआईआर देखने और डाउनलोड करने की सुविधा मिलनी चाहिए।
दरअसल, अगस्त 2026 में पुलिस की ऑनलाइन व्यवस्था में शिकायतकर्ता ओटीपी के जरिए अपनी एफआईआर देख और डाउनलोड कर सकता था। लेकिन आरोपी के लिए एफआईआर डाउनलोड करने की सुविधा बंद थी। ट्रस्ट ने इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और सुप्रीम कोर्ट के Youth Bar Association के फैसले का हवाला दिया।
इसके बाद नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट ने इस मामले को उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका के रूप में रखा। मामले में आईजी अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने 17 सितंबर को हाईकोर्ट के मुख्य स्थायी अधिवक्ता को रिपोर्ट भेजी।
इसमें बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार संवेदनशील मामलों को छोड़कर सभी एफआईआर सिटीजन पोर्टल और देवभूमि ऐप पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
घर बैठे मिलेगी एफआईआर…..
पुलिस की इस व्यवस्था से अब सामान्य मामलों में लोगों को एफआईआर की प्रति लेने के लिए थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे ऑनलाइन एफआईआर देख और डाउनलोड कर सकेंगे। इससे आरोपी और मामले से जुड़े अन्य लोगों को भी एफआईआर की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट की पहल के बाद एफआईआर को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर अब स्थिति काफी स्पष्ट हो गई है।



