
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) ने आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं की जांच के लिए औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक आंगनवाड़ी केंद्र घर के अंदर से संचालित होता हुआ पाया गया।

जिसको लेकर डीपीओ ने नाराजगी जताई। वही निरीक्षण के दौरान डेरा मरगुबपुर दीदाहेड़ी केंद्र 03 बंद मिला, इसके साथ ही केंद्र पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नहीं मिली। वही केंद्र पर कई खामियां भी मिली हैं। 
मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को डीपीओ धर्मवीर सिंह यादव विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर डेरा मरगुबपुर दीदाहेड़ी आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में मरगुबपुर दीदाहेड़ी केंद्र 03 पर बंद मिला।

डीपीओ के औचक निरीक्षण के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। केंद्र के बंद मिलने पर डीपीओ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया। इसके साथ ही केंद्र पर साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में भी अनियमितताएं पाई गईं।
डीपीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और संबंधित सीडीपीओ को नोटिस जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाए।
डीपीओ धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि डेरा मरगुबपुर दीदाहेड़ी केंद्र 03 पूर्व में जांच के दौरान बंद पाया गया था, और केंद्र जांच में तीन बार केंद्र पर संचालिका नहीं मिली थी। आज भी जांच के दौरान केंद्र संचालिका केंद्र पर नहीं मिली और केंद्र पर कई खामियां भी मिली है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और संबंधित सीडीपीओ को नोटिस जारी किया है।
वही उन्होंने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली पोषण सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

साथ ही उन्होंने सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि केंद्र नियमित रूप से खुले रहें और बच्चों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी केंद्र पर अनियमितता पाई गई तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

