
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) हरिद्वार प्रशासन ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह और व्यक्तियों के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ शुरू कर दी है।
विकास खंड बहादराबाद में जालसाजी कर ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने आरोपियों के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
ज्वालापुर निवासी शाहीन और उनके पति उस्मान ने एक आवेदन दिया कि उनकी पुत्री का जन्म वर्ष 2008 में ‘जया मैक्सवेल हॉस्पिटल बौंगला बहादराबाद’ में हुआ था और पुराना प्रमाण पत्र खो गया है। उन्होंने एक हाथ से बना पुराना जाली प्रमाण पत्र भी संलग्न किया। इस पुराने जाली कागज़ के आधार पर उन्होंने 18 फरवरी 2026 को सी.आर.एस. पोर्टल से नया ऑनलाइन बारकोड वाला प्रमाण पत्र जारी करवा लिया।
कैसे खुली पोल?
जब विभाग ने जया मैक्सवेल हॉस्पिटल बहादराबाद जाकर जांच की, तो पता चला कि वर्ष 2008 में वह अस्पताल अस्तित्व में ही नहीं था। इससे साफ हो गया कि आरोपियों ने फर्जी अस्पताल के नाम पर जाली दस्तावेज तैयार किए और सरकारी सिस्टम को गुमराह किया।

हरकत में आए डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और कूटरचना (Forgery) जैसी गंभीर धाराओं में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराएं। और साथ ही जारी किया गया।
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (पंजीकरण संख्या 174) तुरंत निरस्त करने और अन्य नगर निकायों को भी सतर्क करने के आदेश दिए गए हैं। विभाग को आशंका है कि इन षड्यंत्रकारियों ने नगर निगम और नगर पालिकाओं में भी ऐसे ही फर्जी आवेदन किए होंगे, जिनकी जांच की जा रही है।
