
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) कलियर थाना क्षेत्र में पुलिस और अभिसूचना इकाई (LIU) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है.
जो लंबे समय से जनसेवा केंद्र के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को मोटी रकम के बदले बेच रहे था, आरोपित युवक ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया है कि उसने अब तक एक हजार से अधिक जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर चुका हैं। जिसको लेकर आपके मन में भी सवाल उठ रहा होगा कि कही आपका प्रमाण पत्र फर्जी तो नहीं हैं।
फर्जी दस्तावेजों का गोरखधंधा:
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बिहार का रहने वाला आरोपित युवक शाहनवाज कलियर में सक्रिय था और इसने किराए पर होटल का कमरा लेकर उसमें जनसेवा केंद्र चला रहा था, वही इसने कई भोले-भाले लोगों को ठगी का शिकार बनाया।

आरोपित शाहनवाज दस्तावेजों को स्कैन कर, एडवांस सॉफ्टवेयर और एडिटिंग तकनीक का उपयोग करके फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करता था। इन फर्जी दस्तावेजों को जरूरतमंदों को ऊंची कीमत पर बेचा जाता था। इसके अलावा, वह खुद को मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष होने का दावा भी करता था,और होटल से ही सेंटर चलाकर जरूरी कागजात तैयार करता था।
छापेमारी में भारी मात्रा में सामग्री बरामद: 
पुलिस की छापेमारी के दौरान एक लैपटॉप, एक मोबाइल फोन, 07 सरकारी मुहरें, 6 फर्जी आधार कार्ड और मानवाधिकार का फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ हैं। पुलिस ने पाया कि यह गिरोह अत्याधुनिक स्कैनिंग तकनीक और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर न केवल लोगों की पहचान से जुड़ी जानकारी को बदलता था, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले फर्जी दस्तावेज भी तैयार करता था।
एक जन्म प्रमाण पत्र पर दो मोहर, खुला राज:
पुलिस टीम ने जब मौके से नगर पंचायत पिरान कलियर के ई०ओ० से सम्पर्क कर जन्म प्रमाण पत्र की जानकारी की गयी तो उनके द्वारा बताया गया है कि इस प्रमाण पर दो मोहर लगी है तथा कलियर में जन्म प्रमाण पत्र पर मैं ही हस्ताक्षर करता हूं, ये हस्ताक्षर नहीं है, यह प्रमाण पत्र फर्जी हैं। मानवाधिकार आयोग का पहचान पत्र भी फर्जी पाया गया
कलियर पुलिस टीम…
- थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार
- वरिष्ठ उप निरीक्षक सुनील पंत
- उप निरीक्षक उपेन्द्र सिंह
- हे०का० रविन्द्र वालियान
- कांस्टेबल जितेन्द्र सिंह
- चालक नीरज राणा व
- स्थानीय अभिसूचना इकाई टीम




