
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) रमज़ान के मुकद्दस चांद का दीदार होते ही पूरे मुल्क में खुशी और अकीदत की लहर दौड़ गई। जैसे ही चांद दिखने की तस्दीक हुई, मस्जिदों में इबादत के लिए तैयारियां तेज़ हो गईं और घरों में रौनक लौट आई।
चांद रात की इस मुबारक घड़ी ने हर दिल को सुकून और रूहानी खुशी से भर दिया।रमज़ान इस्लामी हिजरी कैलेंडर का सबसे बरकत वाला महीना माना जाता है।
इस महीने में रोज़ा, नमाज़, तरावीह और तिलावत-ए-कुरआन का खास एहतिमाम किया जाता है। मुसलमान सुबह से शाम तक रोज़ा रखकर सब्र, शुक्र और तक़वा का पैग़ाम देते हैं।
शाम को इफ्तार के वक्त मस्जिदों और घरों में दुआओं की गूंज सुनाई देती है। चांद नज़र आने के बाद बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। खजूर, फल, सेवइयां और अन्य ज़रूरी सामान की खरीदारी जोरों पर है। बच्चे और नौजवान खास तौर पर चांद रात की खुशियों में शामिल दिखाई दे रहे हैं।
मस्जिदों को सजाया गया है और इबादतगाहों में साफ-सफाई का विशेष इंतज़ाम किया गया है। उलेमा-ए-कराम ने लोगों से अपील की है कि इस पवित्र महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करें और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाएं। रमज़ान का यह मुकद्दस महीना इंसानियत, मोहब्बत और रहमत का पैग़ाम लेकर आया है।
चांद को लेकर भिड़े दो देश…
खाड़ी के दो ताकतवर पड़ोसी देशों यूएई और सऊदी अरब में इस साल रमजान का महीना अलग-अलग शुरू हो हुआ है। दोनों देशों का साझा बॉर्डर है लेकिन चांद दिखने के मामले में दोनों देशों में एक राय नहीं है। जबकि सऊदी अरब में आज पहला रोजा रखा गया हुआ। जबकि यूएई ने चांद ना दिखने की तस्दीक की हैं। जिसको लेकर दो देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।



