
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) नैनीताल हाईकोर्ट ने कलियर थाने की भूमि पर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए मामले में दायर जनहित याचिका को जिलाधिकारी व एसएसपी की रिपोर्ट के आधार पर खारिज कर दिया है।
जिसके चलते कलियर थाने बनने की राह ओर अधिक आसान हो गई। वही सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, साबिर पाक के उर्स के बाद आवंटित भूमि पर जल्द थाने की बिल्डिंग बनाने की कवायद शुरू हो जाएगा। वही हाइकोर्ट के झटके के बाद नगर पंचायत चुनाव में बड़े दावे करने वाले राजनीतिक नेताओं के दावं धराशाई हो गए।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी नरेन्दर एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष हुई। सुनवाई में याचिकाकर्ता पिरान कलियर निवासी यासीन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 2014-15 में पिरान कलियर की नगर पंचायत का गठन हुआ था।

उस वक्त आबादी के बीच सरकारी भूमि को सरकार की ओर से 2018 में पुलिस विभाग को आवंटित करते हुए तीन साल में थाना बनाने के लिए कहा था लेकिन समयावधि बीत जाने के बाद भी वहां थाना नहीं बनाया गया। याचिका में मांग की गई कि नगर पंचायत पिरान कलियर स्थित सरकारी भूमि को नगर पंचायत का कार्यालय बनाने के लिए दे दी जाए।
जबकि जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जिस भूमि को नगर पंचायत अपने कार्यालय खोलने के लिए मांग रही है उसको थाना बनाने के लिए दे दिया गया है। नगर पंचायत के कार्यालय के लिए दूसरी भूमि दे दी गई है।
नगर पंचायत चुनाव में बड़े दावे करने वालों को लगा करारा झटका……
नैनीताल हाइकोर्ट के खंडपीठ ने भूमि को वापस नगर पंचायत को दिए जाने की जनहित याचिका खारिज कर दी हैं। जिसके बाद नगर पंचायत चुनाव में बड़े दावे करने वाले राजनीतिक नेताओं के दावं धराशाई हो गए। और हाइकोर्ट ने उनको करार झटका दिया हैं। वही सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, साबिर पाक के उर्स के बाद आवंटित भूमि पर जल्द थाने की बिल्डिंग बनाने की कवायद शुरू हो जाएगा। और आवंटित भूमि पर ही थाने का निर्माण कार्य किया जाएगा।