
क्लिक उत्तराखंड:-(ब्यूरो) उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार पुलिस की नाकामी पर सीधा प्रहार करते हुए डीजीपी, एसएसपी हरिद्वार और कोतवाली ज्वालापुर के SHO को कोर्ट में तलब कर लिया है।
मामला फर्जी Non-Bailable Warrant (NBW) बनाकर किए गए साइबर फ्रॉड का है, जहां महीनों बीत जाने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और अब तक एक भी ठग सलाखों के पीछे नहीं पहुंच पाया।
मुख्य न्यायाधीश जी० नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि “ऐसे गंभीर मामलों में पुलिस की चुप्पी और निष्क्रियता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” कोर्ट ने साफ कहा कि जब तक शीर्ष अधिकारी खुद मौजूद होकर जवाब नहीं देंगे, तब तक मामले की गंभीरता सामने नहीं आ पाएगी।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पुलिस की यह चुप्पी सीधे तौर पर अपराधियों को संरक्षण देने जैसी है। दूसरी ओर राज्य की ओर से उप महाधिवक्ता मौजूद थे।
हाईकोर्ट ने मामला कल 27 अगस्त 2025 दोपहर 2:15 बजे के लिए सूचीबद्ध किया है और तीनों अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश दिया हैं।