
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) पंचायत में पद पाने के लिए एक महिला ने फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर तीन वर्ष तक उप प्रधान बनकर गांव में राज किया। वहीं, जब जांच की गई तो पता चला कि शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी हैं।

वही हरिद्वार की मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोड़े ने कार्यवाही करते हुए महिला सदस्य (जोकि वर्तमान में उप प्रधान) हैं, उसको निलंबित कर दिया। जिसके चलते ग्राम पंचायत हजारा ग्रांट में उप प्रधान का पद खाली हो गया हैं।
ये है पूरा मामला: 
हरिद्वार जिले के बहादराबाद ब्लॉक के ग्राम पंचायत हजारा ग्रांट में 2022 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र का आरोप लगाते हुए नदीम निवासी हजारा ग्रांट ने तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार को एक शिकायती पत्र सौंपा था, पत्र में कहा गया था कि वार्ड संख्या 12 की ग्राम पंचायत सदस्य रशीदा पत्नी जुबैर ने पंचायती चुनाव के नामांकन के दौरान ग्राम सदस्य पद पर अपने फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा किए हैं।

शिकायकर्ता के पत्र का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी ने जिला पंचायतीय राज अधिकारी जांच सौंपी गई थी। जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ा तो धीरे-धीरे तीन साल बाद राज खुल गया।
और जांच में पाया गया कि महिला सदस्य रशीदा पत्नी जुबैर द्वारा चुनाव के दौरान दिए गए शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी हैं।

इस मामले में हरिद्वार की मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोड़े ने कार्यवाही करते हुए महिला सदस्य रशीदा पत्नी जुबैर (जोकि वर्तमान में उप प्रधान) हैं, उसको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जिसके बाद ग्राम पंचायत हजारा ग्रांट में उप प्रधान का पद खाली हो गया हैं। वही इस कार्यवाहीं के बाद से गांव की राजनीति भी हलचल मच गई हैं।