मानवता शर्मसार: पोस्टमार्टम के बाद मुस्लिम युवक का बिना टांके लगा शव पुलिस को सौंपा
जिला अस्पताल की लापरवाही आई सामने, कार्यवाही की मांग

क्लिक उत्तराखंड:-(ब्यूरो) हरिद्वार में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई हैं। जहां पर जिला अस्पताल में उपचार के दौरान हुई एक युवक की मौत के बाद चिकित्सकों ने मृतक का पोस्टमार्टम कराया।

तीन दिन तक मृतक का कोई अता पता ना होने के कारण अस्पताल ने शव को पुलिस को सौंप दिया। लेकिन पुलिस ने बिना शव की हालत देखे शव को कब्रिस्तान कमेटी को सौंप दिया। लेकिन कब्रिस्तान प्रबंध कमेटी के पैरों तले तब जमीन खिसक गई। जब शव को गुस्ल(अंतिम स्नान) देने के लिए लेकर जाया गया।

लेकिन गुस्ल के दौरान कमेटी के जिम्मेदार लोगों ने देखा मृतक के पोस्टमार्टम के बाद उसके शरीर में टांके नहीं लगाए गए हैं। जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस और आला अधिकारी को दी।

जानकारी के मुताबिक बीते 24 जून को आशु (24) निवासी अलीगढ़ बीमारी की हालत में जिला अस्पताल पहुंचा था। खुद ही भर्ती हुआ युवक इलाज के दौरान 5 जुलाई को दम तोड़ बैठा। अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। शव को मोर्चरी में रखवाया गया और परिजनों की तलाश की गई
लेकिन तीन के भीतर कोई जानकारी नहीं मिलने पर लावारिस मानते हुए बुधवार को पोस्टमार्टम किया गया। फिर शव को दफनाने के लिए कब्रिस्तान भेजा गया। नगर कोतवाली पुलिस मुस्लिम व्यक्ति के एक लावारिस शव को दफ़नाने के लिए सुभाषनगर कब्रिस्तान लायी।

शव को दफ़नाने से पहले रीती-रिवाज़ के अनुसार गुस्ल (स्नान) के लिए ज़ब कब्रिस्तान की प्रबंध समिति ने खोला तो वह शव को देखकर हैरान रह गया। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों द्वारा शव का पोस्टमार्टम करने के बाद बिना टांके लगाए ही शव को पुलिस को हैंडओवर कर दिया गया।

लेकिन जैसे तैसे कर कब्रिस्तान प्रबंध समिति ने शव को सुपुर्द ए खाक (दफन) कर दिया। जिसको लेकर कब्रिस्तान समिति के सदर और पार्षद अहसान अंसारी ने खेद जताते हुए अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। पार्षद अहसान अंसारी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं देखा कि किसी पोस्टमार्टम हुए शव को बिना टांके सौंप दिया गया हो। यह घोर लापरवाही हैं। संबंधित अधिकारियों को इस मामले में कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए।