क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) कलियर क्षेत्र में खाली प्लॉट बेचने के नाम पर साढ़े सात लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
आरोप है कि तीन लोगों ने एक प्लॉट को अपना बताकर खरीदार को दस्तावेज दिखाए और सौदा तय कर उससे 7.50 लाख रुपये ले लिए। बाद में खरीदार को पता चला कि प्लॉट आरोपियों में से उस व्यक्ति का नहीं है, जिसका बताकर सौदा कराया गया था। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पिरान कलियर निवासी सनव्वर अली ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि जावेद, माली अफसर और आरिफ ने उसे तथा उसके साथी गुलशाद को कलियर क्षेत्र में करीब पांच बिस्वा का एक खाली आवासीय प्लॉट दिखाया था।
आरोप है कि प्लॉट के कुछ दस्तावेज भी दिखाए गए, जिसके बाद 5.25 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से सौदा तय हुआ। तहरीर के मुताबिक, सौदे के बयाने के रूप में कुल 7.50 लाख रुपये दिए गए। इनमें 4.50 लाख रुपये चेक और तीन लाख रुपये नकद दिए गए थे।
इसके बदले नोटरी रसीद तैयार की गई और एक अगस्त 2025 तक बाकी रकम लेकर बैनामा कराने की बात तय हुई। पीड़ित का आरोप है कि बाद में जानकारी करने पर पता चला कि जिस प्लॉट का सौदा किया गया था, वह आरिफ का था ही नहीं। इसके बाद उसने अपनी रकम वापस मांगी।
आरोपियों ने पहले रुपये लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन रकम वापस नहीं की। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि 25 जून 2026 को रकम मांगने पर आरिफ ने गाली-गलौज की और दोबारा रुपये मांगने पर जान से मारकर नहर में फेंकने की धमकी दी।
पुलिस तहरीर के आधार पर नामजद जावेद, माली अफसर और आरिफ निवासी पिरान कलियर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



